(गत्यर्थक, ज्ञानार्थक, भक्षणार्थक, शब्दकर्मार्थक एवं अकर्मक धातुओं के अण्यन्तावस्था में जो कर्त्ता है वह धातुओं …
(अधि + शीङ्, अधि + स्था, अधि + आस्, अधि + वस्, आङ् + वस्, अनु + वस्, उप + वस्, अभि+नि+विश् इन धातुओं के आधार की …
(द्विकर्मक धातुएं) 1. दुह् अजापालः अजां दुग्धं दोग्धि = गड़रिया बकरी का दूध दुहता है। गा…
कर्त्तृवाच्य ( एक्टिव वॉइस ) में कर्म (= क्रिया की निष्पत्ति में कर्त्ता को अत्यन्त अभीष…
स्तुति:
सामाजिकम्